Women Empowerment Essay in Hindi

Quick Details about Essay on Women Empowerment in Hindi (महिला सशक्तिकरण पर निबंध):

Women-Empowermentमहिला सशक्तिकरण को समझने के लिए हमको सबसे पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि शक्ति करण होता क्या है| सशक्तिकरण से तात्पर्य है उन विशेष शक्तियों से है जिससे कोई भी स्त्री और पुरुष उन विशेष शक्तियों के बल पर वह अपने जीवन के सभी निर्णय बड़ी सरलता से ले सके| जैसा कि हम जानते हैं कि सारे स्कूल कॉलेजेस और विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतियोगिता एक बहुत ही प्रमुख प्रतियोगिताओं में से एक है| बात को ध्यान में रखकर हम यहां पर सभी विद्यार्थियों और अन्य लोगों की मदद के लिए महिला सशक्तिकरण पर कुछ निबंध उपलब्ध करवा रहे हैं जैसे की, महिला सशक्तिकरण पर निबंध (Women Empowerment Essay in Hindi or Essay on Women Empowermen in Hindi) l हमें आशा है कि महिला सशक्तिकरण पर लिखे हुए निबंध को निबंध प्रतियोगिता में जरूर सहायता प्रदान करेंगे |

Women Empowerment in Hindi (100 Words): Essay on Women Empowerment in Hindi Kids, Students

महिला सशक्तिकरण पर निबंध: महिला सशक्तिकरण अति महत्वपूर्ण विषय है आज के समय में महिलाओं का सशक्तिकरण होना बहुत ही और आवश्यक है | महिला सशक्तिकरण पर विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में, स्कूलों में, कॉलेजों में निबंध प्रतियोगिता करवाई जाती है| इस छोटे से पैराग्राफ में हम समझेंगे कि महिला सशक्तिकरण क्या होता है | महिला सशक्तिकरण में महिलाओं को उनकी निजी स्वतंत्रता स्वयं के फैसले लेने का अधिकार देना, और उनको आर्थिक और शिक्षा के क्षेत्र में और अन्य क्षेत्रों में मजबूत करना ही महिला सशक्तिकरण है | दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि महिलाओं को पुरुषों के बराबर ही समान अधिकार देना | अतः हम कह सकते हैं कि किसी भी परिवार, समाज और देश के लिए महिला सशक्तिकरण बहुत ही जरूरी है | इसलिए हमारा महिलाओं को स्वच्छ और सुरक्षित माहौल दिया जाए जिससे कि वह जैसे कि शिक्षा, बिजनेस, साइंस आदि सभी क्षेत्रों में स्वयं को सफल बना सके

Women Empowerment Essay in Hindi (300 Words): Essay on Women Empowerment in Hindi for Kids, Students

लैंगिक समानता एक बहुत ही महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा है | कई शताब्दियों से भारत पुरुष प्रधान देश रहा है जिसमें गांव की अपेक्षा पास अधिक अधिकार होते थे | पुरुष अपनी इच्छा के अनुसार स्वतंत्र रूप से अपनी जीवन से जुड़े सभी फैसले ले सकता है इसके विपरीत महिलाओं को उनसे जुड़ी हुई किसी भी प्रकार से फैसले लेने का स्वतंत्र रूप से अधिकार प्राप्त नहीं होता था | अतः आज के समय में महिला सशक्तीकरण की बहुत अधिक जरूरत है क्योंकि चाहते हैं कि मेरा देश तेजी से विकास करे तो लैंगिक समानता का अधिकार समान रूप से यह होना चाहिए | समय-समय पर भारत सरकार द्वारा भी को सशक्त करने के लिए विभिन्न प्रकार की अधिनियम संसद द्वारा पास किए गए हैं ऐसे कुछ इस प्रकार हैं,

  • अनैतिक व्यापार की रोकथाम के लिए अधिनियम
  • दहेज की रोकथाम के लिए अधिनियम
  • लिंग परीक्षण तकनीक एक्ट
  • बाल विवाह की रोकथाम के लिए एक्ट
  • कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन शोषण को रोकने के लिए एक्ट

महिला सशक्तिकरण को हम बेहद ही आसान शब्दों में परिभाषित कर सकते हैं | महिला सशक्तिकरण में महिलाओं को आर्थिक, शिक्षा और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना अपने से जुड़े सभी फैसले स्वयं ले सकें | भारत में हम को सशक्त बनाने के लिए महिलाओं की प्रति हमारी सोच को होगा और उनको सम्मान की नजरों से देखना होगा मैं फिर भी उन सभी कुर्तियों और दुर भावनाओं को दूर करना होगा जैसे कि दहेज प्रथा, यौन हिंसा, अशिक्षा, भ्रूण हत्या, घरेलू हिंसा, मानव तस्करी, लैंगिक भेदभाव, सामाजिक और सांस्कृतिक भेदभाव इत्यादि | इस प्रकार के भेदभाव और कुरीतियां किसी भी देश को आगे बढ़ने से रोकती है जिससे कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकते | भारत में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए समय-समय पर और साथ ही साथ बहुत सारे सामाजिक संगठन अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं किंतु अभी तक हम महिला सशक्तिकरण को पूर्ण रूप से नहीं कर पाए हैं इसलिए हम सभी को मिलकर महिला सशक्तिकरण के लिए कुछ ना कुछ सहभागिता अवश्य निभानी चाहिए

Women Empowerment Essay in Hindi (Essay on Women Empowerment in Hindi) (350 Words) for Students and Kids

नारी सशक्तिकरण (Women Empowerment): नारी सशक्तिकरण को हम महिला सशक्तिकरण इसका सीधा तात्पर्य है कि महिलाओं को बनाना तथा समाज में पुरुषों के समान सभी अधिकार देना जिससे कि वे अपने जीवन से जुड़े सभी स्वतंत्र रूप से ले सकें इसे हम महिला सशक्तिकरण कहते हैं |

समाज में नारी का महत्व: समाज के हर वर्ग में नारी का महत्व है और आज के समय में तो महिलाएं सभी क्षेत्रों में आरती तीव्र गति से मां की बाट रही है और महिलाओं को गौरवान्वित कर रही है | पुराने समय में आज के कुछ वर्गों में महिलाओं की शिक्षा पर प्रतिबंध था महिलाओं को घरों के कार्य तक ही सीमित करके करके रखा गया था | समय के साथ साथ समाज में बहुत सारे बदलाव होते गए और महिला सशक्तिकरण उनमें से एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव है |

महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता: आज के समय में बहुत ही आवश्यकता है क्योंकि बहुत समय से ही महिलाओं पर अत्याचार होते रहे हैं और इन अत्याचारों को रोकने के लिए महिलाओं को सशक्त करना तथा उनको पुरुषों के समान सम्मान प्रदान करना नारी सशक्तिकरण का एक प्रमुख भाग है | हम सभी को यह प्रयास करना चाहिए कि हम जागरूक होने में और उनको सफल होने में हर प्रकार से सहयोग करें जिस से की महिलाएं सशक्त हो सके और अपने निजी फैसले स्वतंत्रता पूर्वक स्वयं ले सकें | इस समय महिलाओं का सशक्तिकरण होना बहुत ही आवश्यक है महिलाओं को ब्लू पिक्चर कम समझा जाता है जो कि हमारे समाज की बहुत बड़ी कुरीति है आज के समय में भी महिलाओं पर बहुत से अत्याचार भी हो रहे हैं | महिला सशक्तिकरण के माध्यम से हम महिलाओं को उन पर हो रहे अत्याचारों से मुक्ति दिला सकते हैं क्योंकि आज के आधुनिक समय में महिलाएं जीवन के सभी क्षेत्रों में बहुत ही तेजी से आगे बढ़ रही है और अपना परचम लहरा रही है | नारी सशक्तिकरण से महिलाओं का भविष्य सुखी और समृद्ध हो जाएगा अतः हम कह सकते हैं कि जब महिलाएं सशक्त होंगी तो हमारा समाज भी सशक्त होता | क्योंकि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारी समाज का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग महिलाओं का भी है और बिना महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई भी समाज तरक्की नहीं कर सकते |

Women Empowerment Essay in Hindi (400 Words): Essay on Women Empowerment for Students
महिला सशक्तिकरण पर निबंध:  जैसा कि हम जानते हैं कि आज के समय में महिला सशक्तिकरण एक बहुत ही ज्वलंत विषय है| पूरे विश्व में महिला सशक्तिकरण पर बड़े-बड़े राष्ट्राध्यक्ष और सामान्य लोग भी अपनी राय रखते हैं और महिला सशक्तिकरण के बारे में बात करते हैं | पहले यह जानने की बहुत जरूरत है कि महिला सशक्तिकरण होता क्या है | सभी जानते हैं कि पुरुष प्रधान समाज रहा है जिसमें पुरुषों को सभी प्रकार की आजादी दी गई है वहीं महिलाओं को उसी प्रकार की सारी आजादी नहीं दी गई है | महिला सशक्तिकरण से हम महिलाओं को उसी प्रकार की आजादी और अधिकार देने की बात करते हैं | महिलाएं भी अपने समाज की फैसले स्वयं ले सके यह अधिकार उनका होना ही चाहिए महिला सशक्तिकरण कहते हैं | दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि महिलाओं को उनके पूरे अधिकार देना ही महिला सशक्तिकरण है | महिलाएं तभी सशक्त होंगी जब महिलाएं स्वतंत्र रूप से अपने फैसले स्वयं ले सके | आज के युग में महिलाओं का सशक्तीकरण होना बहुत ही है | जब महिलाएं सशक्त होंगी हुई समाज और देश को आगे ले जाने में बहुत ही सशक्त भूमिका निभाएंगे | अतः हम कह सकते हैं कि जब महिलाएं सशक्त होंगी और स्वतंत्र रूप से अपने फैसले स्वयं ले सकेंगी तब वह अपने परिवार, समाज, और देश को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी| क्योंकि बिना महिलाओं की सहायता से हम कभी भी अपने समाज और देश को पूरी तरह आगे नहीं बढ़ा सकते है | आज के समय में महिलाओं को सशक्त करने के उद्देश्य से भारत सरकार और राज्य सरकारें भी बहुत सारे काम नहीं है | महिलाओं का सशक्तिकरण करने के लिए राज्य सरकार और भारत सरकार नहीं बहुत सारे कदम उठाए हैं जिनमें से प्रमुखता इस प्रकार से है आर्थिक सहायता प्रदान करना, महिलाओं को शिक्षित करना, महिलाओं को रोजगार दिलवाना इत्यादि | पिछले कुछ सालों में भारत सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण और ठोस कदम उठाए हैं जो कि महिलाओं के सशक्तिकरण में मैं तो पूर्ण भूमिका निभाएंगे इनमें से कुछ इस प्रकार से है,
1. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,
2. सुकन्या योजना
3. उज्जवला योजना
अतः हम कह सकते हैं कि जब महिला सशक्त होगी तो परिवार सशक्त होगा और जब परिवार सशक्त होगा तो समाज सशक्त होगा और जब समाज साथ होगा तो फिर देश भी हम को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता |

Women Empowerment Essay in Hindi (500 Words) for Kids, Students: (Essay on Women Empowerment in Hindi):

महिला सशक्तिकरण पर निबंध (Women Empowerment Essay in Hindi) : महिला सशक्तिकरण शब्द सुनकर आप समझ ही गई होंगी विषय में बात कर रहे हैं | चिकन से तात्पर्य है कि महिलाओं को उनके सारे अधिकार देना और उनको सशक्त बनाना ताकि वह अपने निजी और सामाजिक फैसले स्वयं ले सके | महिलाओं को सशक्तिकरण के उद्देश्य से पूरे विश्व में 8 मार्च को हर साल महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है और International Women’s Day भी कहा जाता है | सही मायने में कहा जाए तो महिला सशक्तिकरण एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है क्योंकि हम सब जानते हैं कि बिना महिलाओं के सशक्तिकरण के कोई भी परिवार समाज और देश बिल्कुल आगे नहीं बढ़ सकता |

यदि हम चाहते हैं कि हमारा समाज और देश तीव्र गति से आगे बढ़े तो महिलाओं को सशक्त करना बहुत ही आवश्यक है चाहे वह कोई भी क्षेत्र हो | जब महिलाएं आर्थिक और शिक्षा इत्यादि की दृष्टि से सशक्त और सक्षम होंगी तो हमारा समाज बहुत ही तेजी से विकास करेगा क्योंकि महिलाएं अपना बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान इसमें इसमें निभाएंगे |

महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता: बहुत सारे लोगों के मन में इस प्रकार के प्रश्न उठते है कि महिला सशक्तिकरण की सत्ता क्यों है? इसका सही मायने में उत्तर दें तो यह सदियों से हमारा समाज पुरुष प्रधान समाज रहा है पुरुषों को उषा रे वहीं महिलाओं से उनकी बहुत सारे अधिकार छीन ले गई शोषण किया गया और उनके साथ भेदभाव किया गया जिस वजह से महिलाओं को कमतर समझा जाने लगा गांव को पुरुषों के बराबर नहीं समझा गया समाज में बहुत सारी जगह ऐसी है जहां महिलाओं का शोषण होता है और उनको पुरुषों के बराबर नहीं समझा जाता | इसी मानसिकता को दूर करने के लिए और समाज को जागरूक करने के लिए महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत सारे और योजनाएं चलाई जा रही है जिससे महिलाओं को सशक्त किया जाए और उनको पुरुषों के समान ही हुई सारे अधिकार दिए जाए ताकि वह अपने फैसले स्वतंत्र होकर स्वयं ले सके | के अनुसार सशक्तिकरण का मतलब महिलाओं को ऐसी स्वतंत्रता प्रदान करना है और इनमें ऐसी क्षमता विकसित करना है जिससे वे अपनी जिंदगी के फैसले स्वयं लिख सके और समाज में अपना स्थान बना सके |

महिला सशक्तिकरण के लिए बनाए गए कुछ विशेष कानून : समयसमय पर विभिन्न प्रकार के कुछ विशेष जो कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं | कुछ विशेष प्रकार के कानून इस प्रकार से है;

1. बाल विवाह अधिनियम निषेध.

2. मातृत्व लाभ अधिनियम.

3. दहेज निषेध अधिनियम. इत्यादि

इसके अलावा भी बहुत सारे कानून महिला बनाई गई है जो कि महिलाओं को उनके पूरे अधिकार और उनकी सुरक्षा के लिए लागू किए गए हैं | आज के समय में भी भारत सरकार और राज्य सरकारें भी बहुत सारी राम्स और कार्यक्रम जो कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है इन्हीं में से कुछ कार्यक्रम इस प्रकार से है जैसे की बेटी बचाओ; कन्या जन धन योजना इत्यादि | इसके अलावा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में जागरूकता पैदा करना है ताकि महिलाओं को सशक्त बना सके | वैसे भी आज की महिलाएं हर किसी क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही है |

Women Empowerment Essay in Hindi (750 Words): (Essay on Women Empowerment in Hindi)

महिला सशक्तिकरण: क्या आपने कभी यह वाक्य सुना है आप में से बहुत से लोगों ने यह शब्द सुने होंगे परंतु उनमें से कुछ ही लोगों को इसका सही मायने में अर्थ पता होगा सर्वप्रथम हमें महिला सशक्तिकरण का भावार्थ समझना अति आवश्यक है बिना अर्थ समझे हम महिला सशक्तिकरण को पूर्ण रूप से समझने में असमर्थ होंगे महिला सशक्तिकरण से तात्पर्य है महिलाओं को उनके पूर्ण अधिकार देना जिससे कि वह अपनी इच्छा अनुसार जीवन यापन कर सके तथा उनके जीवन में किसी व्यक्ति विशेष की रोक टोंक ना हो तथा समाज में उन्हें पुरुषों के समान समझा जाए, महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करना जिससे कि वह अपने जीवन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णय स्वयं ले सके महिला सशक्तिकरण कहलाता है. हमारे देश में इसी दिशा में आगे बढ़ कर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रोग्राम का आयोजन किया जाता है. इसी क्रम में 8 मार्च को पूरे विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. जिसके अंतर्गत महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए विभिन्न प्रकार के आयोजन किए जाते हैं. सही मायनों में देखा जाए तो क्या आजकल के विद्यार्थियों को महिला सशक्तिकरण का अर्थ समझ में आता है या नहीं? विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है कि उन्हें महिला सशक्तिकरण का अर्थ पता हो, क्योंकि विद्यार्थी भी हमारे भविष्य को आगे बढ़ाने वाली पतवार हैं.

महिला सशक्तिकरण को समझना है तो प्रति विद्यालयों में महिला सशक्तिकरण को लेकर जानकारी दी जानी चाहिए की बचपन से ही विद्यार्थियों को महिला सशक्तिकरण का ज्ञान प्राप्त हो सके और बड़े होकर वह महिलाओं के प्रति समानता की भावना रखें! नहीं अगर सशक्त होंगी तो वह अपने परिवार को भी सशक्त बना सकती हैं, महिलाएं समाज में व्याप्त कुरीतियों को पीछे छोड़ पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकती हैं. गांव में अपार शक्ति होती है वह चाहे तो देश की प्रगति में भी अपना भरपूर योगदान देती हैं, आज ऐसा कोई भी स्थान नहीं है जहां पर महिलाओं ने अपनी छाप ना छोड़ी हो विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं ने अपना परचम लहराया है, चाहे वहां शिक्षा का क्षेत्र हो, चिकित्सा का क्षेत्र हो, वैज्ञानिक क्षेत्र हो, सैन्य क्षेत्र हो, या राजनैतिक क्षेत्र हो. आज महिलाएं राजनीति के क्षेत्र में भी पुरुषों से मुकाबला कर रही है वह विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपना योगदान दे रही है.

भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के नाम से तो आप भली-भांति परिचित होंगे, एक महिला हो कर भी उन्होंने हमारे देश को अपने कौशल से आगे बढ़ाया है, महिला सशक्तिकरण के बहुत से उदाहरण हमारे देश में विद्यमान है जिनमें से प्रमुख है- बचेंद्री पाल, सरोजिनी नायडू, मदर टेरिसा, प्रिया झींगन, प्रतिभा पाटिल, मैरी कॉम, पीटी ऊषा, कल्पना चावला, लता मंगेशकर, सावित्रीबाई फुले, एनी बेसेंट, सुचेता कृपलानी, इंदिरा गांधी, मीरा कुमार, कमलजीत संधू. इन सभी महिलाओं ने देश के विकास में अपना योगदान दिया है. अतः हम कह सकते हैं कि आजकल महिलाएं पुरुषों से मुकाबला कर विभिन्न क्षेत्र में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं तथा महिला सशक्तिकरण को अच्छी नीव प्रदान कर रही हैं.

उपरोक्त महिलाओं से हां लेनी चाहिए और महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाना चाहिए, जब महिलाओं को उनके संपूर्ण अधिकार प्रदान किए जाएंगे तभी हमारा देश प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ सकेगा.

पुराने समय में हमने देखा है कि महिलाओं को पुरुषों से नीचे ही समझा जाता था, महिलाएं केवल घर के कार्यों में ही व्यस्त रहती थी, घर की साफ सफाई करना, खाना बनाना आदि दैनिक कार्यों में ही महिलाओं का जीवन व्यतीत होता था परंतु वर्तमान समय में हमारे देश में महिलाओं के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं सरकार द्वारा चलाई जा रही है, जिससे कि महिलाओं को लाभ हो रहा है, तथा वह भी विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़कर पुरुषों के समक्ष आकर खड़ी हो गई है, यदि हमें महिलाओं को सशक्त करना है तो सर्वप्रथम हमें महिलाओं की शिक्षा पर ध्यान देना आवश्यक है, महिलाएं अगर शिक्षित होंगी तभी वह अपने अधिकारों के प्रति सजग होंगी और अपने अधिकारों के लिए समाज से लड़ेंगी. इसी प्रकार वह देश में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों को पीछे छोड़ देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी. महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि महिलाओं के साथ साथ पुरुषों को भी महिला सशक्तिकरण में आगे आना चाहिए.

यदि किसी भी देश को आगे बढ़ना है तो उसे साथ साथ महिलाओं को भी आपके साथ में लेकर चलना होगा. आशा है कि उपरोक्त विवरण से आपको महिला सशक्तिकरण के विषय में जानकारी प्राप्त हुई होगी, सशक्तिकरण का अर्थ स्पष्ट हुआ होगा.

Essay on Woment Empowerment (Women Empowerment in Hindi) (1000 Words) for Students, Kids

महिला सशक्तिकरण यह शब्द सुनकर आप समझ ही गए होंगे कि यहां महिलाओं के विषय में बात हो रही है | महिला सशक्तिकरण से तात्पर्य है कि महिलाओं को उनकी हक के प्रति सशक्त करना है| महिलाएं अपने जीवन से जुड़े सभी प्रकार के निर्णय स्वयं ले सके और समाज से कदम से कदम मिलाकर चल सके पूरे विश्व में ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है| शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं बहुत अच्छी तरह से काम कर रही है| आज के समय में महिला सशक्तिकरण एक बहुत ही ज्वलंत विषय है| शक्ति करण विषय पर स्कूल  और कॉलेजों में महिला सशक्तिकरण पर निबंध लिखने के लिए कहां जाता है| समय-समय पर बहुत सारे स्कूल्स और एनजीओ निबंध प्रतियोगिता करवाते हैं जिसमें महिला सशक्तिकरण पर निबंध प्रमुखता लिखने को कहा जाता है| इस समय माध्यम से हम महिला सशक्तिकरण पर निबंध प्रस्तुत कर रही हैं आशा करते हैं कि इस पोस्ट के माध्यम से आपको महिला सशक्तिकरण का अर्थ स्पष्ट हो जाएगा| इस समय हम आपको women empowerment essay in Hindi मैं लिख कर बता रहे हैंl

महिला सशक्तिकरण का अर्थ (meaning of women empowerment): आज की 25 वीं सदी में परिदृश्य बिल्कुल ही बदल गया है| महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी दे रही है चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र किस जगह तो सैन्य क्षेत्र हो या चिकित्सा का क्षेत्र हो महिलाएं अधिक संख्या में अपना योगदान देने के लिए आगे बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही है| हम अपने इतिहास को पलट कर देखें तो हमें हर काल में ऐसी महिलाएं जिन्होंने अद्भुत कार्य किए हैं जैसे की माता सीता, झांसी की रानी, रानी लक्ष्मी बाई इत्यादि|
प्राचीन काल की महिलाओं और वर्तमान महिलाओं की स्थिति में क्या परिवर्तन आया है जहां हम अपने आसपास देख सकते हैं महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आवश्यक है कि हम लोग अपनी सोच में परिवर्तन लाए जो लोग महिलाओं को केवल घर के कार्यों के योगदान मानते हैं उन्हें यह समझाने की आवश्यकता है कि आज की महिलाएं टाइप की के साथ साथ अन्य क्षेत्रों में भी काम कर सकते हैं | सही मायनों में महिलाओं का सशक्तिकरण होगा आज के समय में महिलाओं को उनके फैसले लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए और बिना भेदभाव के दोनों को समान अधिकार देना चाहिए| प्रत्येक देश तभी पूर्ण रूप से विकसित माना जाता है जब वह पुरुष और महिलाओं को समान रूप से अधिकार प्रदान करता है अतः हम कह सकते हैं कि देश और समाज के उज्जवल भविष्य के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण होना अति आवश्यक है|
सामाजिक महिला सशक्तिकरण: हमारे देश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भारतीय संविधान मैं विशेष रूप से कानूनी अधिकार दिए गए हैं जिसके अंतर्गत महिलाओं तथा बच्चों के विकास के लिए महिला और बाल विकास विभाग का गठन किया गया है| प्राचीन काल में महिलाओं को उतने ही अधिकार दिए जाते थे जितने की पुरुषों को दिए जाते थे परंतु धीरे-धीरे पुरुषों ने महिलाओं के अधिकार छीनने शुरू कर दिए हम पागल है परंतु अब ऐसा नहीं है देश के विकास के लिए सभी नागरिकों को साथ लेकर चलना बहुत ही आवश्यक है| जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं चाहे वह राजनीति के क्षेत्र में हो या शिक्षा के क्षेत्र या फिर खेल जगत हो बल्कि अब तो हमारे देश की महिलाएं सुरक्षा क्षेत्रों में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है | महिला सशक्तिकरण के लिए भारत की विभिन्न महिलाओं ने अपना योगदान दिया है जिनमें से कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार से हैं सरोजिनी नायडू, निर्मला सीतारमण, सुनीता विलियम्स, लता मंगेशकर, किरण बेदी, इंदिरा गांधी, इत्यादि बहुत ही अच्छे उदाहरण है जिन की जीवनी से हमें भी कुछ सीखना चाहिए और महिलाओं के विकास के लिए हमें प्रयत्न करते रहना चाहिए | महिला सशक्तिकरण को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने शब्दों में इस प्रकार समझाया लोगों को जगाने के लिए महिलाओं जागृत होना जरूरी है| भारत में लैंगिक समानता पर विशेष जोर दिया जा रहा है इसके लिए परिवार की हर सदस्य को इसके बारे में जानकारी दी जा रही है लैंगिक समानता महिला सशक्तिकरण को और भी बढ़ावा देगा|
कानूनी महिला सशक्तिकरण अब बात आती है कि क्या देश के सभी क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण का कार्य समान रूप से कार्य कर रहा है | सरकार को ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को भी जागरूक करने के लिए अधिक प्रयास करने चाहिए जिससे कि वहां की महिलाएं भी शहरी क्षेत्र की महिलाओं के सम्मान अपने अधिकारों को समझने में समर्थ बन सके किसी भी महिला को अपने विचारों को बिना किसी प्रतिबंध के स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने का पूर्ण अधिकार होना चाहिए और इन सबके लिए महिलाओं को आत्मविश्वास प्रदान करना होगा महिलाओं को शिक्षित करना भी बहुत आवश्यक है | जब महिलाएं शिक्षित होंगी तभी वह अपने अधिकारों और सामाजिक पदों से अवगत हो पाएंगी भारतीय सरकार ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम में 2005 में संशोधन करके कहा है कि आप पैतृक संपत्ति में महिलाओं का भी हक होगा महिलाओं को समान अधिकार दिए जाने के लिए एक विशेष पहले दहेज निषेध अधिनियम बाल विवाह अधिनियम आदि मुख्य कार्य है जो महिलाओं के प्रति होने वाले शोषण को कम करता है |
महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा बनाई गई योजनाएं सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं का निर्माण किया गया है जो कि निम्न प्रकार से हैं
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम
  • किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए राजीव गांधी योजना सबला योजना
  • इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना
  • कस्तूरबागांधी बालिका विद्यालय योजना
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
  • स्वाधार घर योजना
महिलाओं को सामाजिक आर्थिक शैक्षणिक राजनीतिक तथा कानूनी रूप से सशक्त बनाना ही महिला सशक्तिकरण है | हमारे समाज में ऐसे लोग भी उपस्थित है जो नहीं चाहते हैं कि महिलाओं को सभी प्रकार की समानता प्रकार की सोच रखने वाले व्यक्ति महिलाओं को उनके अधिकार से दूर करने में कभी भी सफल नहीं हो सकते हैं |
भारतीय महापुरुष स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि विश्व का विकास तब तक नहीं हो सकता जब तक की महिलाओं की स्थिति में सुधार ना हो एक पक्षी के लिए केवल एक पंख से उड़ना संभव नहीं है |
हाल ही के कुछ वर्षों में शिक्षा राजनीतिक व्यवसाय तथा खेल जगत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि अब महिलाएं भी किसी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है | हमारे देश में लिंग समानता एक प्रमुख मानवाधिकार है एक महिला को वह सब अधिकार प्राप्त होने चाहिए जिससे कि वह गर्व से अपना जीवन यापन कर सके समाज में उसे बेचारी या अबला ना समझा जाए और यह तभी संभव है जब हम सब मिलकर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आवाज़ उठाएं | किसी भी क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने तथा गरीबी को कम करने के लिए महिलाओं को सशक्त बनाना अनिवार्य है | महिला सशक्तिकरण से ही हमारी आने वाली पीढ़ी एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकती है|
जब महिला समाज तथा परिवार में किसी भी बंधन से मुक्त होकर बिना डरे अपने फैसलों का निर्णय स्वयं देती है तो इसे ही महिला सशक्तिकरण कहा जाता है | संसार भर में महिलाओं को सशक्त करने की एक मुहिम चलाई जा रही है जिसमें महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी जा रही है | उन्हें निर्भीक बनाए जाने का प्रयत्न लगातार जारी है महिला सशक्तिकरण को आसान शब्दों में समझाएं तो महिलाओं को उनके वास्तविक अधिकार प्राप्त करने के लिए उन्हें सक्षम बनाना ही महिला सशक्तिकरण है |
महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य हम सभी जानते हैं कि हमारा देश प्राचीन काल से ही पुरुष प्रधान देश रहा है महिलाओं को हमेशा पुरुषों से पीछे ही रखा गया है समाज में पुरुषों को हर कार्य के लिए सक्षम समझा गया है इसलिए ही आज यह आवश्यक हो गया है कि महिलाओं को भी पुरुषों के समान अधिकार प्राप्त होने चाहिए महिलाओं को भी समाज में पुरुषों के समान स्वतंत्रता होनी चाहिए कि वह खुद को अबला ना समझे|
“जब है नारी में शक्ति तो फिर क्यों नारी को कहीं बेचारी”
इसलिए आवश्यक है कि केवल महिलाओं को ही नहीं अपितु पुरुषों को भी महिला सशक्तिकरण के लिए अपना योगदान देना चाहिए तथा देश के विकास में भागीदार बनना चाहिए

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